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Indira Ekadashi 2022 | इंदिरा एकादशी 2022 कब है, क्यों मनाई जाती है, शुभ मुहूर्त, महत्व

Indira Ekadashi 2022
September 20, 2022

Indira Ekadashi 2022 – इंदिरा एकादशी क्यों मनाई जाती है:-

 

आइये जानते है की हिन्दू धर्म में इंदिरा एकादशी –  Indira Ekadashi का क्या महत्व है एवं इस वर्ष Indira Ekadashi 2022 – इंदिरा एकादशी 2022 मनाई जाएगी।  पितृपक्ष के दिनों में अश्विनी माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी के रूप में भी माना जाता है।  

इसे श्राध्द पक्ष की एकादशी भी कहा जाता है | यह एकादशी पितृपक्ष में होने की वजह से इस एकादशी की अहमियत अधिक हो जाती है क्योकि ऐसा मन जाता है की इस दिन पूजा ,व्रत ,दान ,करने से हमरे पितरो को पाप कर्मो से मुक्ति मिल जाती है और उन्हें मोक्ष मिलता है | 

यह व्रत एकादशी से एक दिन पहले दशमी के दिन शुरू होता है व्रत से पहले कुछ भी आहार नहीं लेना चाहिए जिस दिन उपवास रहता है  उस दिन अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए केवल फलाहार ही ग्रहण करना चाहिए 

उपवास वाले दिन प्रातः काल जल्दी उठ कर स्नान करके नाहा – धो कर सूर्य को जल अर्पण कर चाहिए तत्पश्चाय्त भगवन विष्णु के सामने दीपक जला कर इसके बाद भगवन का स्मरण कर उच्च स्वर के भजन का गायन करना चाहिए | अगले दिन प्रातः काल के सुभ समय पर व्रत खोलना चाहिए ध्यान रहे की व्रत करने वाला व्यक्ति यदि द्वादशी शुरू होने से पहले व्रत खोल लेना चाहिए अन्यथा इस व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है | 

 

इंदिरा एकादशी 2022 कब है – Indira Ekadashi 2022 Kab Hai?

 

हिन्दू पंचांग के अनुसार इंदिरा एकादशी 2022 ,अश्विनी मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 20 सितम्बर 2022 को मंगलवार को रात 09 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी और 21 सितम्बर 2022 बुधवार रात 11 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी उदया तिथि के अनुसार यह व्रत 21 सितम्बर 2022 बुधवार को रहेगा 

इंदिरा एकादशी व्रत कथा – Indira Ekadashi Vrat Katha :-

जानिए इंदिरा एकादशी – Indira Ekadashi की व्रत कथा में क्या कहा गया है।  शास्त्रों के अनुसार महिष्मतिपुरी के राजा इन्द्रसेन एक धार्मिक व्यक्ति थे.वे हमेशा ही अपनी प्रजा के भले के बारे में सोचते थे और भले का कार्य ही करते थे। इसके साथ साथ उनकी ईश्वर में भी अटूट आस्था एवं श्रद्धा थी ,एक बार नारद मुनि भ्रमण  करते हुए उनके दरबार में पधारे ,राजा ने उन्हें देखते ही हाथ जोड़ कर उनका स्वागत किया और उनका पूजन किया। 

राजा ने महर्षि के आने की वजह पूछी । तो नारद मुनि ने जवाब दिया ,हे राजन ! मेरे वचनो को ध्यान से सुनो, मैं एक समय ब्रह्म लोक से याम लोक गया। मैंने यमराज से सत्यवान धर्मराज की प्रशंसा की,उसी यमराज की सभा में धर्मात्मा एकादशी व्रत को भांग होने की वजह को देखा,उन्होंने संदेशा दिया पूर्व जन्म में कोई विघ्न हो जाने के कारण मै यमराज के निकट रहा ,इसीलिए पुत्र इंदिरा एकादशी – Indira Ekadashi का व्रत करो तो मुझे स्वर्ग की प्राप्ति होगी और मुझे मोक्ष भी मिल जायेगा। 

 

नारद की बात को सुन कर राजा ने अपने बांधवो तथा दासों से साथ इस व्रत को किया जिसके पुण्य प्रभाव से राजा के पिता विष्णु लोक को गए। राजा इन्द्रसेन भी एकादशी का व्रत कर अपने पुत्र को बैठा कर स्वर्ग लोक गए ,राजा इन्द्रसेन के नाम पर ही इस एकादशी का नाम इंदिरा एकादशी पड़ा,

इंदिरा एकादशी 2022 मुहूर्त – Indira Ekadashi 2022 Muhurat :-

  • इस वर्ष 2022 में इंदिरा एकादशी 21  सितम्बर 2022 मंगलवार को है 
  • एकादशी प्रारम्भ :-21 सितम्बर 16 :42 पुर्वाह
  • एकादशी समाप्त :-22 सितम्बर 14 :09 अपराह 

इंदिरा एकादशी का महत्व – Indira Ekadashi Mahatva :-

पितृ पक्ष  में पड़ने वाकई इस एकादशी का एक विशिष्ठ प्रकार का महत्त्व मन जाता है यह एकादशी का व्रत अश्विनी मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है ऐसा माना जाता है की इस व्रत के करने से हमरे पितरो को उनके पाप कर्मो से मुक्ति मिलती है और उन्हें यम लोक से मुक्ति मिलती है और स्वर्ग की प्राप्ति होती है ,इस कृत के बारे में खुद भगवन श्री कृष्ण ने बतया की यह  व्रत धर्मराज युधिष्ठिर को बताया जाता है 

 

इंदिरा एकादशी की पूजा विधि – Indira Ekadashi Ki Pooja Vidhi :-

 

  • एकादशी व्रत में दिन में सिर्फ एक बार ही भोजन करना होता है 
  • इस व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है 
  • व्रत करने के लिया स्नानं कर खुद को व्रत के लिए संकापित करे 
  • विधि पूर्वक श्राद्ध सम्पन करे एवं प्रत्येक ब्राह्मण को भोजन व दक्षिणा प्रदान करे 
  • पितरो के नाम से दान दिया हुआ अन्न पिंड गाय को खिलाएं 
  • भगवन विष्णु को धुप ,फूल,मिठाई फल चढ़ाएं 
  • एकादशी के अगले दिन द्वादशी के दिन पूजा कर ब्राह्मणो को भोजन करवाएं 
  • और अपने परिवार के साथ भोजन करते समय मौन रहे |

 

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