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Bhairav Baba Ki Arti| भैरव बाबा की आरती,भैरव महाराज के चमत्कारी उपाय,भैरव महाराज की महिमा

Bhairav Baba Ki Arti
November 2, 2022

आइये जानते है बाबा भेरु नाथ की महिमा और भैरव नाथ आरती का उल्लेख –  (Bhairav Baba Ki Arti )

   Bhairav Baba Ki Arti – आइये आज जानते है की बाबा भेरु नाथ जी महाराज के बारे में। भैरव नाथ जी को शिवजी का ही एक दूसरा अवतार माना जाता है। (भैरव नाथ का अर्थ भी ये ही है की जो देकने में भयंकर हो और भय की रक्षा करता हो ) 

    Bhairav Baba Ki Arti – पुराणों के अनुसार भगवान् शिव और दैत्य अंधक के बीच एक विशाल युद्ध हुआ था जिसमे दैत्य अंधक की गदा से भगवान शिव के मस्तिष्क के चार टुकड़े हो गए थे और उस मस्तिष्क में से रक्त की धारा बहने लगी थी उसी रक्त की धारा में से बाबा भैरव नाथ जी की उत्पति हुई थी इसीलिए भैरव को शिव के विनाश से जुड़ा एक अवतार माना जाता है। हिन्दू धर्म में बाबा भैरव नाथ जी का बहोत बडा महत्व है। 

Bhairav Baba Ki Arti –  बाबा भैरव नाथ शिव के अवतार और गोरखनाथ जी के शिष्य थे और जिन्हे  माता वैष्णव देवी ने मुक्ति प्रधान की थी। और मान्यता हे की बाबा भैरव नाथ को प्रशन्न करने से माता देवी भी प्रशन्न होती है इसलिए माता के नवरात्री में भी बाबा भैरव नाथ की पूजा अर्चना भी अष्ट्मी के दिन की जाती है दुर्गा माता ने वरदान दिया था की यदि मेरी पूजा होने के बाद बाबा भैरव नाथ की भी पूजा होगी तब ही मेरी पूजा सफल होगी इसलिए नवरात्रि उत्सव में भी अष्ट्मी के दिन बाबा भैरव को प्रसन्न करने का सबसे बड़ा दिन माना गया है 

भैरव बाबा का प्रसाद क्या है | क्या चढ़ाने से बाबा भैरव कैसे जल्दी प्रसन्न होते है :-  

  Bhairav Baba Ki Arti – ऐसी मान्यता है की भगवान भैरव को प्रसाद चढ़ाने से घर में नकारत्मक शक्तियो का आगमन नहीं होता है और शारारिक बाधा भी नहीं आती है बाबा भैरव को प्रहस्न करने से बाबा भैरव अपने भक्तो पर हर प्रकार की रक्षा करते है 

Bhairav Baba Ki Arti – बाबा भैरव नाथ को काली उड़द की दाल से बने पकवान को सरसो के तेल में ही बनाये गए हो गुलगुले पकोड़े कचौड़ी इमरती उड़द के गुलगुले आदि का भोग लगा कर बाबा भैरव नाथ के वाहन कुत्ते को भी खिलाये जिस से बाबा भैरव नाथ अपने भक्तो से जल्दी प्रशन्न होते है और अपने भक्तो की हर मनोकामना को पूर्ण करते है

 

बाबा भैरव नाथ का मंत्र :-

 ओम कालभैरवाय नम:। ओम ह्रीं बं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं। ओम भ्रं कालभैरवाय फट्। ॐ भैरवाय नमः ॐ ॐ भैरवाय नमः ॐ 

बाबा भैरव के इस मन्त्र का विधी पूर्वक जप करने से शारारिक कष्ट नहीं आते है। और शत्रुहो का नाश हो जाता है। मृत्यु के भय के निवारण हेतु भी इस मन्त्र का प्रयोग किया जाता है 

बाबा भैरव के अन्य नाम :-

Bhairav Baba Ki Arti – बाबा भैरव का मुख्य वार रविवार के दिन इन नामो का गोमुखी माला से उच्चारण करने से भयानक से भयानक कष्ट भी दूर हो जाते है

  • दण्डपाणी
  •  स्वस्वा 
  • भैरवीवल्लभ,
  • दंडधारि
  •  भैरवनाथ बटुकनाथ

(भैरव बाबा की आरती)

(Bhairav Baba Ki Arti )

                   

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा ।

जय काली और गौर देवी कृत सेवा ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक ।

भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी ।

महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होवे ।

चौमुख दीपक दर्शन दुःख खोवे ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

तेल चटकी दधि मिश्रित भाषावाली तेरी ।

कृपा कीजिये भैरव, करिए नहीं देरी ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

पाँव घुँघरू बाजत अरु डमरू दम्कावत ।

बटुकनाथ बन बालक जल मन हरषावत ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावे ।

कहे धरनी धर नर मनवांछित फल पावे ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

(Bhairav Baba Ki Arti )

Jai Bhairav Deva, Prabhu Jai Bhairav Deva

Jay Kali Aur Gaura devi Karat Seva.

Jai Bhairav Deva…

Tumhi Paap Uddharak, Dukh Sindhu Taarak

Bhakto Ke Sukh Karak, Bheeshan Vapu Dharak

Jai Bhairav Deva…

Vaahan Shvaan Viraajat, Kar Trishul Dhari

Mahima Amit Tumhari, Jai Jai Bhayahari

Jai Bhairav Deva…

Tum Bin Devaa Pujan, Safal Nahi Hove

Chaumukha Deepak, Darshak Dukh Khove

Jai Bhairav Deva…

Tail Chatik Dadhi Mishrit, Bhashavali Teri

Kripa Kariye Bhairav, Kariye Nahi Deri

Jai Bhairav Deva…

Paanv Ghungharoo Baajat, Aaru Damaru Jamakavat

Batuknath Ban Balakjan Man Harashavat

Jai Bhairav Deva…

Batuknath Ki aarti, Jo Koi Nar Gave

Kahe Dharanidhar, Nar Manvanchit Phal Pave

Jai Bhairav Deva…

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