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मत्स्य जयंती 2023 कब है ? | शुभ मुहूर्त, महत्व एवं हिन्दू धर्म में क्या मान्यता है | Matsya Jayanti 2023

मत्स्य जयंती 2023
December 30, 2022

जाने मत्स्य जयंती को कब मनाया जाता है, वर्ष 2021  शुभ मुहूर्त और महत्व

मत्स्य जयंती 2023 –  हिंदू धर्म में मनाए जाने वाला बहुत ही प्रसिद्ध त्योहार है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री विष्णु जी ने अपना प्रथम अवतार मत्स्य के रूप में लिया था। पूरे भारतवर्ष में आंध्र प्रदेश राज्य में मत्स्य अवतार का एकमात्र मंदिर स्थित है। नागालपुरप वेद नारायण स्वामी मंदिर में इस पर्व पर विशेष आयोजन किया जाता है। इस दिन भक्त दूर दूर से आकर मंदिर में मिलजुल कर इस दिन को मनाते हैं। भगवान श्री विष्णु जी के उपासकों के लिए यह दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस दिन की गई पूजा से पिछले जन्म के पापों से भी मनुष्य को मुक्ति मिलती है।

 

मत्स्य जयंती कब मनाई जाती है – Matasya Jayanti Kab Hai 

मत्स्य जयंती 2023 – हिंदू पंचांग के अनुसार यह जयंती चैत्र माह में आने वाले शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन मनाई जाती है। मान्यताओं के अनुसार श्री हरि जी ने सतयुग में विशालकाय मछली के रूप में यह अवतार इसी दिन लिया था। वर्तमान में प्रयोग किए जाने वाले कैलेंडर के अनुसार इस समय मार्च या अप्रैल का महीना होता है। 

 

वर्ष 2023 की मत्स्य जयंती और शुभ मुहूर्त – Matasya Jayanti Muhurat

मत्स्य जयंती 2023

साल 2023 में 24 मार्च को शुक्रवार  के दिन मत्स्य जयंती के पवित्र त्योहार को मनाया जाएगा। 

इस साल 2023 में मत्स्य जयंती 24 मार्च 2023 को यानि शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी। 

ये मत्सय जयंती पूर्ण रूप से भगवान् श्री विष्णु को समर्पित होती हैं। 

 

 

मत्स्य जयंती का महत्व – Matasya Jayanti Mahatva

मत्स्य जयंती 2023 – हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार राक्षस हयग्रीव से ब्रह्मांड की रक्षा के लिए भगवान नारायण जी ने यह मत्स्य अवतार लिया था। इस दिन भक्तों द्वारा व्रत का पालन किया जाता है। वहीं हिंदू धर्म में इस दिन भक्तों द्वारा पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस  जयंती के शुभ अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान करने से तन और मन की शुद्धि होती है। मत्स्य जयंती का पर्व अगले दिन भोर के बाद ही पूर्ण माना जाता है। इस दिवस के समय पवित्र मंत्रों का उच्चारण करके पाठ किया जाता है। इस दिन गरीबों को भोजन कराना बहुत ही शुभ माना जाता है, इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। 

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